क्या वर्ल्ड कप के जश्न में हार्दिक पंड्या से हो गई बड़ी चूक? तिरंगे के अपमान पर दर्ज हुई शिकायत, जानिए पूरा मामला
‘The Prevention of Insults to National Honour Act, 1971’ के तहत हो सकती है 3 साल की जेल, जानें क्या कहता है कानून
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर जब टीम इंडिया ने तीसरी बार खिताब जीता, तो पूरे देश में जश्न का माहौल था। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हर कोई खुशी से झूम रहा था। भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने भी इस ऐतिहासिक जीत का दिल खोलकर जश्न मनाया। लेकिन, यही खुशी अब उनके लिए एक बड़ी कानूनी मुसीबत में बदलती हुई नजर आ रही है।
हार्दिक पंड्या पर जीत के जश्न के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) का अपमान करने का गंभीर आरोप लगा है और उनके खिलाफ एक औपचारिक पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई गई है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर मैदान पर ऐसा क्या हुआ जिसने इतने बड़े विवाद को जन्म दे दिया।
जश्न के दौरान आखिर हुआ क्या था?
मैच जीतने के बाद सभी खिलाड़ी अपने परिवार और दोस्तों के साथ मैदान पर जश्न मना रहे थे। इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। इन वीडियो में हार्दिक पंड्या अपनी गर्लफ्रेंड, मॉडल माहिका शर्मा (Mahieka Sharma) के साथ जीत को एन्जॉय करते दिख रहे हैं।
हार्दिक ने अपने कंधों पर तिरंगा लपेटा हुआ था। मैदान पर झंडा लेकर दौड़ना या डांस करना आम बात है, लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब हार्दिक और माहिका एक-दूसरे को गले लगाते हुए पोडियम (स्टेज) पर लेट गए। उस दौरान भी राष्ट्रीय ध्वज उनके शरीर पर लिपटा हुआ था और जमीन को छू रहा था। कई फैंस को यह बात नागवार गुजरी और उन्होंने इसे राष्ट्रीय झंडे का अपमान बताया।
पुणे के वकील ने दर्ज कराई शिकायत
इस घटना को देखते हुए, पुणे के रहने वाले वकील एडवोकेट वाजिद खान बिडकर ने शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में हार्दिक पंड्या के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वाजिद खान का कहना है कि, “हार्दिक पंड्या जीत के जश्न में इतने खो गए थे कि वह नेशनल फ्लैग पहनकर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लेट गए। मेरा मानना है कि यह देश और तिरंगे का सीधा अपमान है।”
भले ही यह घटना अहमदाबाद में हुई हो, लेकिन वकील का तर्क था कि राष्ट्रीय झंडा पूरे देश का प्रतीक है, इसलिए इसकी शिकायत कहीं भी दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस ने उनकी शिकायत को स्वीकार कर लिया है।
The Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 क्या है?
वकील वाजिद खान ने अपनी शिकायत में सीधे तौर पर ‘The Prevention of Insults to National Honour Act, 1971’ (राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971) के सेक्शन 2 का हवाला दिया है। आइए समझते हैं कि यह कानून क्या है:
- कानून का नियम: इस अधिनियम के अनुसार, सार्वजनिक स्थान पर तिरंगे को जलाना, कुचलना, फाड़ना या किसी भी तरह से उसका अनादर करना एक दंडनीय अपराध है।
- अपमान किसे माना जाता है? अगर झंडे को जानबूझकर जमीन या पानी पर लगने दिया जाए, या उसे किसी आम कपड़े, पर्दे या चादर की तरह इस्तेमाल किया जाए (राजकीय अंतिम संस्कार को छोड़कर), तो इसे तिरंगे का अपमान माना जाता है।
कानून तोड़ने पर क्या हो सकती है सजा?
अगर कोई व्यक्ति कानूनी रूप से इस एक्ट (The Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) के तहत दोषी पाया जाता है, तो कानून में सख्त सजा का प्रावधान है:
- जेल: दोषी को 3 साल तक की कैद हो सकती है।
- जुर्माना: आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है।
- दोनों: अपराध की गंभीरता को देखते हुए जेल और जुर्माना दोनों एक साथ हो सकते हैं। नोट: अगर कोई व्यक्ति दूसरी बार यह गलती करता है, तो उसे कम से कम 1 साल की जेल की सजा होना तय है।
आगे क्या होगा? (FIR और इंटेंट)
क्या हार्दिक पंड्या सच में जेल जाएंगे? फिलहाल ऐसा तुरंत होना मुश्किल है। पुलिस ने अभी सिर्फ शिकायत की कॉपी स्वीकार की है, औपचारिक FIR दर्ज होना बाकी है।
ऐसी कानूनी कार्यवाहियों में कोर्ट सबसे पहले ‘Intent’ (इरादा) देखती है। कोर्ट यह जांचेगी कि क्या हार्दिक ने सच में जानबूझकर तिरंगे का अपमान किया था, या यह सिर्फ एक भावुक पल में अनजाने में हुई गलती थी। फिलहाल इस पूरे विवाद पर हार्दिक पंड्या या बीसीसीआई (BCCI) की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। फैंस भी इस मुद्दे पर बंटे हुए हैं—कुछ इसे बड़ी गलती मान रहे हैं, तो कुछ इसे सिर्फ एक खिलाड़ी का इमोशनल मोमेंट बता रहे हैं।
और ऐसी ही रोचक खबरों के लिए हमारे इस apkiawaj.in न्यूज पोर्टल का Notification On करिए। धन्यवाद।
Keep writing. Give us next updates regarding this news.